मोदी सरकार की चंद बेजोड़ उपलब्धियां!

मोदी सरकार की चंद बेजोड़ उपलब्धियां!
अपने आसपास विघ्नसंतोषी लोगों को अकसर ये कहते सुना जाता है कि मोदी सरकार ने पाँच साल में क्या किया? उनकी उपलब्धियां और कार्यशैली से देश ने क्या हांसिल किया! दरअसल, ऐसे सवाल उठाना, उन लोगों की मज़बूरी है, जिन्हें यथास्थिति में जीने की आदत पड़ चुकी है। उन्हें बदलाव और नए परिवेश का भारत रास नहीं आता! उन्हें आश्वासन से संतुष्ट होने की आदत पड़ चुकी है। जबकि, मोदी सरकार ने महज पाँच सालों में हर क्षेत्र में काम किया है! फिर वो चाहे स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो, महिला उत्थान हो, गरीबों की जीवन शैली में बदलाव हो या फिर पड़ौसी देशों की नापाक हरकतों पर लगाम लगाना हो! मैं वो चंद उपलब्धियां आपके सामने रख रहा हूँ, जो मुझे स्मरण हो आई हैं! मुझे विश्वास है कि आप भी मेरी बात से सहमत होंगे!
मोदी सरकार की उपलब्धियों में सर्जिकल स्ट्राइक से लगाकर स्वच्छता अभियान, शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना तक शामिल है। मोदी सरकार के कार्यकाल में ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत 9 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है! इस जन आंदोलन के कारण आज ग्रामीण स्वच्छता का दायरा बढ़कर 98% हो गया है, जो कि वर्ष 2014 में 40% से भी कम था। इस सरकार ने कई ऐसे अनोखे काम किए हैंजो पूर्ववर्ती सरकारों के सोच से दूर थीं। गरीब परिवारों को ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत 6 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए गए। जबकि, 2014 तक देश में केवल 12 करोड़ गैस कनेक्शन ही थे। केवल साढ़े 4 साल में ही मोदी सरकार ने 13 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन से जोड़ा है। यानी जो काम आजादी से पाँच साल पहले तक हुआ, मोदी सरकार ने वो 5 साल में ही कर दिखाया!.
इस सरकार ने गरीबों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उनमें प्रमुख उपलब्धि ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान’ भी है, जिसके तहत देश के 50 करोड़ गरीबों को गंभीर बीमारी की स्थिति में हर साल 5 लाख रुपए तक के इलाज खर्च की व्यवस्था की गई है। 4 महीने में ही इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा गरीबों ने अपना इलाज करवाया। ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत भी देशभर में अभी तक 600 से ज्यादा जिलों में 4,900 जन औषधि केन्द्र खोले गए। इन केन्द्रों में 700 से ज्यादा दवाइयां कम कीमत पर मिलती हैं। मात्र 1 रुपए महीने के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और 90 पैसे रोज के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ में लगभग 21 करोड़ गरीबों को बीमा सुरक्षा कवच प्रदान किया गया। सरकार ने तमिलनाडु के मदुरै से लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा तक और गुजरात के राजकोट से लेकर असम के कामरूप तक नए ‘एम्स’ बनाने की योजना बनाई है।
सरकार ने गरीब परिवारों के लिए आवास और जनसुविधाओं के क्षेत्र में भी काफी कुछ किया है। सरकार की ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण किया गया। जबकि, 2014 के पहले, पाँच साल में, सिर्फ 25 लाख घरों का ही निर्माण हुआ था। आज देश के हर गांव तक बिजली पहुंच गई! ‘प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना’ के तहत अब तक 2 करोड़ 47 लाख घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। गरीबों के लिए जनधन योजना से काफी सहारा मिला है। इस वजह से देश में 34 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुले और देश का लगभग हर परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ गया! जनधन खातों में जमा 88 हजार करोड़ रुपए इस बात के गवाह हैं कि कैसे इन खातों ने बचत करने का तरीका बदल दिया!
महिला उत्थान के मामले में भी मोदी सरकार के कामकाज को पूर्ववर्ती सरकार से कमतर नहीं आँका जा सकता! मुस्लिम महिलाओं को डर और भय की जिंदगी से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें अन्य बेटियों के समान जीवन जीने के अधिकार देने के लिए सरकार ने ‘तीन तलाक’ से जुड़े कानून को संसद से पारित करवाने का प्रयास किया है। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ का सबसे अधिक लाभ भी महिलाओं को ही मिला है। देशभर में दिए गए 15 करोड़ मुद्रा लोन में से 73% लोन महिला उद्यमियों ने प्राप्त किए हैं। ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना’ के तहत लगभग 6 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ऐसे महिला स्वयं-सहायता समूहों को मोदी सरकार ने 75 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया। कामकाजी महिलाओं को अपने नवजात शिशुओं के अच्छी तरह लालन-पालन का पर्याप्त समय मिल सके, इसके लिए मैटरनिटी लीव को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया।
डिजीटलाइजेशन को भी मोदी सरकार की जानदार उपलब्धियों में गिना जाना चाहिए! 2014 में देशभर में मात्र 59 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंची थी। जबकि, आज एक लाख 16 हजार ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फायबर से जोड़ दिया गया है। लगभग 40 हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई हॉटस्पॉट लगा दिए गए। की कीमत भी पाँच सालों में 250 रुपए प्रति जीबी से घटकर लगभग 10-12 रुपए हो गई! मोबाइल पर बात करने में पहले जितना खर्च होता था, वह भी आधे से कम हो गया! आज भारत दुनिया में मोबाइल फोन बनाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत ही आंध्रप्रदेश में, एशिया के सबसे बड़े ‘मेडटेक झोन’ की स्थापना की जा रही है।
पाँच साल में बदलते भारत ने सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके अपनी ‘नई नीति और नई रीति’ का परिचय भी दिया है। भारत उन चुनिंदा देशों की पंक्ति में भी शामिल हो गया, जिनके पास परमाणु त्रिकोण की क्षमता है। साथ ही जीएसटी से ईमानदारी और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था ने जन्म लिया है। एक ये भी खासियत है कि आज भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया! औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी हमने कई लक्ष्यों को हांसिल किया है। 2014 के आम चुनाव से पहले देश एक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था, चुनाव के बाद मोदी सरकार ने एक नया भारत बनाने के संकल्प लिया! एक ऐसा नया भारत जहां व्यवस्थाओं में अधूरापन न हो और देश का हर नागरिक अपनी सरकार पर गर्व कर सके।